Monday, 20 August 2018

8.Agli Subah Delhi Mai..

 हेलो दोस्तों में एक बार फिर आप लोगो के बिच वापस आया हूँ जैसे की अपने पढ़ा किस तरह से में अपनी लवर से मिलने हिमाचल गया था पर वहाँ से बिना मिले ही वापस आना पड़ा।  में दिल्ली तो आ गया था पर मेरा दिल आज भी हिमाचल में ही था।  मेरा दिल टूट सा गया था क्यूंकि में इतनी दूर सिर्फ और सिर्फ उससे मिलने के लिए गया था।  पर उसने मुझसे मिलने के लिए कहा पर मिलने नहीं आयी और ऊपर से उसने अपना फ़ोन भी ऑफ कर दिया था , मुझे इस बात का बेहद अफ़सोस था की न उसने मुझे कुछ बताया और बिना बताये फ़ोन भी ऑफ कर लिया था।  में मन ही मन सोच रहा था की काश वो मुझसे मन ही कर देती की में नहीं मिल सकती , तो में इतने अरमान तो नहीं सजाता। पर उसने ऐसा नहीं किया।
मुझे दिल्ली आये हुए 2 दिन हो चुके थे अब भी उसका फ़ोन बंद ही था।  हर मैसेज पर में सोचता था सायद हाँ  अब उसका ही मैसेज है , पर जैसे ही में अपना  फ़ोन देखता फिर से निराश हो जाता क्यूंकि मैसेज उसका नहीं किसी दोस्त या कंपनी का होता था।  मेरा समय ऐसे ही कट रहा था , पर मन में सवाल आ रहे थे की आखिर उसने ऐसा क्यों किया।  कंही तो में अच्छा सोचता था पर कभी कभी मन में बुरे ख्याल भी आते थे की कही उसके पापा या मम्मी ने मैसेज न पढ़ लिए हो कही उसके भाई ने उसका फ़ोन न ले लिया हो पता नहीं क्या-क्या।
पर मुझे पता था की बहुत टूट चूका था। पर कोई बात नहीं फिर मैंने सोचा सायद इस बात को यही ख़त्म करना ही बेहतर था।  पर में करता भी क्या मेरी उम्र ही कुछ ऐसी थी न जाने मेरे बचपन से छोटे क्रश तो बहुत हुए थे पर इसके जैसा प्यार सायद मुझे अब मिला था।  यह मेरी उस टाइम की बड़कपन वाली मोहब्बत का एहसास ही था उससे अट्रैक्शन भी अलग सा ही हो गया था।  काफी दिन तक सब ऐसा ही चला था और में भी सब कुछ भूलने क लिए अपने आपको बिजी ही रखता था।  ठीक 15 दिन बाद में सुबह दोस्तों के साथ खेलने गया था और जानबूझकर अपना फ़ोन घर ही रखकर जाया करता था, क्यूंकि अब मुझे मेरे फ़ोन से भी प्यार ख़त्म हो चूका था। में दोस्तों के खेला और 2 घंटे बाद वापस घर आया और सो गया।  मम्मी ने मुझे 10 बजे उठाया की आजा नास्ता करले में नास्ता करने उठा की मैंने चाय और परांठे खाना सुरु किये ही थे की अचानक मेरे  की कॉल आयी , हाँ वो मनीष ही था उसने मुझसे पूछा की क्या हुआ तेरी बात  ANNY  से मैंने उसको डांटा  और कहा की यार फालतू की बात मत कर  नहीं आया  फ़ोन, और इतना बोलकर मैंने फ़ोन काट दिया।  जैसे ही मैंने फ़ोन रख ही रहा था की देखा की मेरे फ़ोन में 6 MSG थे।  मैंने तुरंत उन  को देखा और मानो मेरे मन में ख़ुशी सी दौड़  गयी थी,  पर मन में अभी भी गुस्सा था की इसने मेरे धोका किया हे।  और मन ही मन सोचा की अब नहीं करूँगा इससे बात। पर मेरा मन नहीं मन और मेने उसका मैसेज खोला और देखा  पहला मैसेज HI मुझे देखकर अच्छा लगा पर खुद मैसेज का जवाब नहीं दिया। 2 मैसेज जैसे ही खोला तो उसमे उसने लिखा था की सॉरी मेरा फ़ोन घरवालों ने ले लिया था और ऊपर से यहाँ बारिश हुई खूब तो नेटवर्क नहीं थे जिस कारण हमारी बात नहीं हो पायी। फिर मेने उसके उस मैसेज का जवाब दिया और खूब गुस्सा  भी किया उसने कहा की सॉरी पर आप अभी आप गुस्सा हो में आपसे  थोड़ी देर बाद कॉल पर बात करूंगी  मैंने कहा ठीक है।
बाकी की कहानी अगले किस्से में।   
                                                                                     

Thursday, 16 August 2018

7. Milne ki chah.

हेलो दोस्तों में एक बार फिरसे वापस आया हुँ , आपके बिच अपनी कहानी लेकर जैस की आप सबने पढ़ा मेरी लास्ट स्टोरी में किस तरह से मेरा उससे बात करके हमारा प्यार बढ़ता ही जा रहा था।
बस फिर क्या था मेरे मन में बस उससे मिलने की इच्छा सी करने लगी थी।  हमारे प्यार को करीब एक साल निकल चूका था।  मेरे एग्जाम के बाद मेने अपने फ्रेंड्स के साथ  हिमाचल जाने का प्लान बनाया, 
पर मन में डर था की घर वाले पता नहीं जाने देंगे की नहीं ,  हमारे मन में भी था की कैसे भी हमें हिमाचल जाना है तो जाना है, बस अब ठान लिया था की कैसे भी ANNY से मिलकर ही आना है।  हमने एग्जाम के बाद मई में
जाने का प्लान बनाया और हमने 15 मई की टिकट बुक करा ली और लास्ट में  एक-दो  दिन पहले घरवालों को बताया  की हम हिमाचल जा रहे हैं घुमने और घर वाले बड़ी मुश्किल से माने। पर फाइनली घर वाले मान ही गए थे।  हमारी पैकिंग की तयारी  सुरू हो गयी थी।  मन में बहुत ख़ुशी थी क्यूंकि ये मेरा फर्स्ट टाइम था हिमाचल में जाने का 15 MAY 2010 को में अपने फ्रेंड के साथ हिमाचल के लिए निकला बबलू मेरा फ्रेंड जो मेरे साथ गया था। 18 MAY को उसका जन्मदिन जो था।  दिल्ली से हमारा सफर सुरु हुआ शाम 6 बजे हमारी बस थी हमने बस की और हमारा सफर सुरु दिल्ली से बहार का हिमाचल की पहली शुरुआत वो भी अकेले बिना परिवार के मजा ही अलग ही है।  हम दोनों दोस्तों ने खूब मजे किये 9 बजे करीब हम मुरथल पहुंचे वहाँ हमने खाना खाया और निकल गए। रात मेरी ANNY से बात की उसको मैंने बोला की मई दिल्ली से निकल गया हूँ कल में हिमचाल पहुंच कर आपसे मिलता हूँ।  उसने कहा की ठीक है , में इंतजार करती हूँ आपका इतना बोलकर उसने फ़ोन काट दिया। हम लोग सुबह 5 बजे हिमाचल पहुंच गए।  वह हमने रूम लिया और एन्जॉय किया थोड़ा रेस्ट के बाद मैंने ANNY को फ़ोन लगया पर उसका फ़ोन ऑफ था।  फिर हम शिमला घूमने निकले और वह लंच किया और  किये पर उसका कोई फ़ोन  नहीं आया। पर  फिर मैंने उसके नंबर पर मैसेज भेज दिया की मुझे आपका घर नहीं पता हम कहा मिलेंगे। पर उसका फ़ोन पूरे दिन ऑफ रहा मेरा कोई भी मैसेज नहीं आया पर फिर में नाराज होकर वापस आ गया। वहाँ से में मनाली के लिए निकल और इस बार में वहाँ से बिना मिले ही वापस आ गया।  मुझे बेहद अफ़सोस हुआ उस दिन की मै उससे मिलने इतनी दूर गया और वो फ़ोन ऑफ करके बैठ गयी।  फिर क्या था में अपने दोस्त के साथ मनाली वगेरा घूमे और २-3 दिन घूम कर वापस बिना मिले दिल्ली आ गए।  
बाकी आगे की कहानी अगले पेज में. 
                                                                                                         TO BE CONTINUE....................:
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school life with love

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