हेलो दोस्तों , मेरा नाम है रिचर्ड और में आप लोगो के प्यार की बदौलत
फिरसे आप लोगो के बिच अपनी कहानी लेकर आया हुँ। जैसा की आप आप लोगो ने मेरी लास्ट कहानी (मेने उसके बारे में जाना ) में पढ़ा था की में कैसे उसके फ़ोन और मैसेज का इंतजार करके सो गया था।
पर अगली सुबह जब में 6 बजे उठा तो देखा की ANNY के मैसेज आ रखे थे पर में करता मुझे पता ही नहीं लगा क्यूंकि रात में घरवालों के डर से फ़ोन साइलेंट करके सो गया था। पर में सुबह उठते के साथ ही उसके मैसेज पढ़ कर सबसे पहले मेने उसके मैसेज का जवाब दिया। मेने जैसे ही उसको गुडमॉर्निंग का मैसेज किया वहाँ से तुरंत ही मैसेज का जवाब आ गया मुझे नहीं पता था वो जाग गयी है वहाँ से जवाब आया वैरी गुडमॉर्निंग और साथ ही अगला मैसेज आया की रात भर कहा थे मेने आपको कॉल भी की पर आपने फ़ोन भी नहीं उठाया फिर मेने उससे कहा सॉरी में फ़ोन साइलेंट करके सो गया था , और मुझे फ़ोन का पता भी नहीं लगा वरना में फ़ोन उठा लेता। फिर उसने कहा कोई बात नहीं और हमने इधर-उधर की बात की और फिर काट दिया।
जैसे ही में सुबह नहा-धो कर तैयार हुआ और अपने दोस्त मनीष की दुकान पर चला गया वहाँ हम रोज की तरह टाइम पास करने लगे और नास्ता करके आये।
मेरा नास्ता भी मेरे दोस्त ने ही मुझे कराया हम जैसे वापस आ रहे थे उसकी दुकान की तरफ तभी अचानक उसकी कॉल आ गयी और मेने उससे बातें की। वो उसका बात करने का तरीका क्या बताऊँ दोस्तों उसकी एक हेलो सुनते ही दिल खुश हो जाता था और हिमाचली लोगो का बात करने का तरीका जैसे हर किसी से बात करने पर आप शब्द का करना और साथ ही हर किसी से जी करके बात करना इसमें भी एक अलग ही बात थी। मेने अपने दोस्त को बोला की उसी का फ़ोन आया हे। मेने ANNY से बात की और उसको मेने बताया की मेरा एक फ्रेंड है मेने आपके बारे सब कुछ बताया में उससे कुछ नहीं छुपाता आप उससे बात करलो पर उसने अनजान समझ कर मना कर दिया की में ऐसे किसी से बात नहीं कर सकती। मेने उसको समझाया और कहा की ये बहुत ख़ास और क्लोज भी है आप बात करो फिर बड़ी मुश्किल से मेने उसको मनाया फिर में मनीष को लेकर उसकी शॉप के पीछे वाले पार्क में ले गया और वहाँ उनकी बात करवाई वहा उनकी बात हुई फिर उसने उसको मेरे बारे में बताया जोकि हर फ्रेंड किसी की नई गर्लफ्रेंड बनवाने के लिए करता है उसने मेरी न जाने क्या क्या तारीफ़ कर दी। इसके साथ ही मेने भी उससे और उसको बोलै चलो अब हम मैसेज में बात करते है आपका भी काफी बैलेंस लग रहा है उसने कहा कोई नहीं में मैनेज कर लुंगी। मेने उसको फिर अपने फ्रेंड का नंबर भी दे दिया। इतने में वो अपनी मम्मी के बुलाने पर फ़ोन काट कर चली गयी बोली के अब में आपसे बाद में बात करती हूँ मम्मी बुला रही है। मेने कहा ठीक है मसाज कर देना। फिर वो बाई बोलकर चली गयी। फिर क्या था मेरे दोस्त ने मेरी टाँग खींचना शुरू कर दिया। उसके बाद हम लोग बात करके चल दिए वो अपनी दुकान में बिजी हो गया और में अपने घर आ गया। घर आकर मेने गली के बच्चो के साथ क्रिकेट खेलना सुरु किया और घर जाकर सो गया। फिर सीधे 8 बजे खुली तो देखा की उसके काफी सारे मैसेज आ रखे थे और मिस्ड साल भी। फिर क्या था वो नाराज हो चुकी थी हम दोनों काफी अच्छे दोस्त बन चुके थे सिर्फ 2 दिन की मुलाकात में। उसका आखरी मैसेज था की अब आप मेरे मैसेज का भी जवाब नहीं दे रहे ठीक है बाय ये मैसेज देख कर में थोड़ा परेशांन हो गया और उसको कॉल की पर वह से कोई जवाब नहीं आया फिर मेंने उसके नंबर पर एक मैसेज टाइप करके छोड़ दिया की सॉरी में सो गया था और फ़ोन मेरा साइलेंट पर था इसलिए पता माहि चला पर वहाँ से कोई जवाब नहीं आया। रात हो ही चुकी थी में निचे आ गया। और मम्मी ने मुझसे मेरा फ़ोन ले लिया की जब देखो सारा दिन फ़ोन अपने पास ही रखता हैमुझे कही फ़ोन करना हो तो कैसे करू। मेरा दिमाग ख़राब हो गया की कही उसका फ़ोन न आ जाये पीछे से और मम्मी को पता न चल जाए। मम्मी ने मुझसे फ़ोन लिया और मौसी से बात की और फ़ोन सामने रख दिया। फिर पापा भी घर आ गए और मम्मी ने सबको खाना दिया और खाना खाने ही बैठे थे की अचानक फ़ोन बजा मम्मी ने फ़ोन उठाने के लिए उठने ही वाली थी की में खाना छोड़कर फ़ोन उठाने भगा। फ़ोन उठाया तो देखा कस्टमर केयर वालों की कॉल थी मेने फ़ोन मम्मी को दिया और खाना खाने बैठ गया उसके बाद अचानक मेरी नजर फ़ोन पर पड़ी तो देखा की कोई मैसेज आया हुआ था मेने फ़ोन उठाया और देखा उसी का मैसेज था फिर में आंख छुपाकर उसके मसाज का जवाब दिया की में खाना खाकर बात करता हु अभी सारे फॅमिली वाले साथ बैठे है। और फ़ोन को साइलेंट करके अपने पास ही रख लिया ताकि उसका कोई जवाब आये तो घरवालों को पता न चले।
इसके बाद की कहानी में आपको अगले पेज में सुनाता हूँ दोस्तों। ...
उम्मीद है की आपको मेरी कहानी पसंद आ रही होगी।
फिरसे आप लोगो के बिच अपनी कहानी लेकर आया हुँ। जैसा की आप आप लोगो ने मेरी लास्ट कहानी (मेने उसके बारे में जाना ) में पढ़ा था की में कैसे उसके फ़ोन और मैसेज का इंतजार करके सो गया था।पर अगली सुबह जब में 6 बजे उठा तो देखा की ANNY के मैसेज आ रखे थे पर में करता मुझे पता ही नहीं लगा क्यूंकि रात में घरवालों के डर से फ़ोन साइलेंट करके सो गया था। पर में सुबह उठते के साथ ही उसके मैसेज पढ़ कर सबसे पहले मेने उसके मैसेज का जवाब दिया। मेने जैसे ही उसको गुडमॉर्निंग का मैसेज किया वहाँ से तुरंत ही मैसेज का जवाब आ गया मुझे नहीं पता था वो जाग गयी है वहाँ से जवाब आया वैरी गुडमॉर्निंग और साथ ही अगला मैसेज आया की रात भर कहा थे मेने आपको कॉल भी की पर आपने फ़ोन भी नहीं उठाया फिर मेने उससे कहा सॉरी में फ़ोन साइलेंट करके सो गया था , और मुझे फ़ोन का पता भी नहीं लगा वरना में फ़ोन उठा लेता। फिर उसने कहा कोई बात नहीं और हमने इधर-उधर की बात की और फिर काट दिया।
जैसे ही में सुबह नहा-धो कर तैयार हुआ और अपने दोस्त मनीष की दुकान पर चला गया वहाँ हम रोज की तरह टाइम पास करने लगे और नास्ता करके आये।
मेरा नास्ता भी मेरे दोस्त ने ही मुझे कराया हम जैसे वापस आ रहे थे उसकी दुकान की तरफ तभी अचानक उसकी कॉल आ गयी और मेने उससे बातें की। वो उसका बात करने का तरीका क्या बताऊँ दोस्तों उसकी एक हेलो सुनते ही दिल खुश हो जाता था और हिमाचली लोगो का बात करने का तरीका जैसे हर किसी से बात करने पर आप शब्द का करना और साथ ही हर किसी से जी करके बात करना इसमें भी एक अलग ही बात थी। मेने अपने दोस्त को बोला की उसी का फ़ोन आया हे। मेने ANNY से बात की और उसको मेने बताया की मेरा एक फ्रेंड है मेने आपके बारे सब कुछ बताया में उससे कुछ नहीं छुपाता आप उससे बात करलो पर उसने अनजान समझ कर मना कर दिया की में ऐसे किसी से बात नहीं कर सकती। मेने उसको समझाया और कहा की ये बहुत ख़ास और क्लोज भी है आप बात करो फिर बड़ी मुश्किल से मेने उसको मनाया फिर में मनीष को लेकर उसकी शॉप के पीछे वाले पार्क में ले गया और वहाँ उनकी बात करवाई वहा उनकी बात हुई फिर उसने उसको मेरे बारे में बताया जोकि हर फ्रेंड किसी की नई गर्लफ्रेंड बनवाने के लिए करता है उसने मेरी न जाने क्या क्या तारीफ़ कर दी। इसके साथ ही मेने भी उससे और उसको बोलै चलो अब हम मैसेज में बात करते है आपका भी काफी बैलेंस लग रहा है उसने कहा कोई नहीं में मैनेज कर लुंगी। मेने उसको फिर अपने फ्रेंड का नंबर भी दे दिया। इतने में वो अपनी मम्मी के बुलाने पर फ़ोन काट कर चली गयी बोली के अब में आपसे बाद में बात करती हूँ मम्मी बुला रही है। मेने कहा ठीक है मसाज कर देना। फिर वो बाई बोलकर चली गयी। फिर क्या था मेरे दोस्त ने मेरी टाँग खींचना शुरू कर दिया। उसके बाद हम लोग बात करके चल दिए वो अपनी दुकान में बिजी हो गया और में अपने घर आ गया। घर आकर मेने गली के बच्चो के साथ क्रिकेट खेलना सुरु किया और घर जाकर सो गया। फिर सीधे 8 बजे खुली तो देखा की उसके काफी सारे मैसेज आ रखे थे और मिस्ड साल भी। फिर क्या था वो नाराज हो चुकी थी हम दोनों काफी अच्छे दोस्त बन चुके थे सिर्फ 2 दिन की मुलाकात में। उसका आखरी मैसेज था की अब आप मेरे मैसेज का भी जवाब नहीं दे रहे ठीक है बाय ये मैसेज देख कर में थोड़ा परेशांन हो गया और उसको कॉल की पर वह से कोई जवाब नहीं आया फिर मेंने उसके नंबर पर एक मैसेज टाइप करके छोड़ दिया की सॉरी में सो गया था और फ़ोन मेरा साइलेंट पर था इसलिए पता माहि चला पर वहाँ से कोई जवाब नहीं आया। रात हो ही चुकी थी में निचे आ गया। और मम्मी ने मुझसे मेरा फ़ोन ले लिया की जब देखो सारा दिन फ़ोन अपने पास ही रखता हैमुझे कही फ़ोन करना हो तो कैसे करू। मेरा दिमाग ख़राब हो गया की कही उसका फ़ोन न आ जाये पीछे से और मम्मी को पता न चल जाए। मम्मी ने मुझसे फ़ोन लिया और मौसी से बात की और फ़ोन सामने रख दिया। फिर पापा भी घर आ गए और मम्मी ने सबको खाना दिया और खाना खाने ही बैठे थे की अचानक फ़ोन बजा मम्मी ने फ़ोन उठाने के लिए उठने ही वाली थी की में खाना छोड़कर फ़ोन उठाने भगा। फ़ोन उठाया तो देखा कस्टमर केयर वालों की कॉल थी मेने फ़ोन मम्मी को दिया और खाना खाने बैठ गया उसके बाद अचानक मेरी नजर फ़ोन पर पड़ी तो देखा की कोई मैसेज आया हुआ था मेने फ़ोन उठाया और देखा उसी का मैसेज था फिर में आंख छुपाकर उसके मसाज का जवाब दिया की में खाना खाकर बात करता हु अभी सारे फॅमिली वाले साथ बैठे है। और फ़ोन को साइलेंट करके अपने पास ही रख लिया ताकि उसका कोई जवाब आये तो घरवालों को पता न चले।
इसके बाद की कहानी में आपको अगले पेज में सुनाता हूँ दोस्तों। ...
उम्मीद है की आपको मेरी कहानी पसंद आ रही होगी।
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