Wednesday, 11 April 2018

USKI EK HAAN OR MERE MAN KI KHUSHI.

हेलो दोस्तों में रिचर्ड फिरसे वापस आया हुँ आप लोगो के बीच अपनी कहानी वापस लेकर जैसा की अपने मेरी लास्ट कहानी में पढ़ा था की किस तरह से में अपने घरवालों के सामने अपने फोने को साइलेंट करके अपने पास ही रखकर बैठ गया था।  लेकिन मुझे अभी सिर्फ 2 ही दिन हुए थे उसके साथ बात करते हुए पर मुझे क्या पता था की मेरी मोहब्बत इस कदर आगे बढ़ जाएगी की में उसके आगे सब कुछ भूल गया था।  पर अचानक से उसका फ़ोन रात को 10:30  बजे आया। शायद उसकी आधी नींद भी उसने पूरी कर ली थी पर में बेचारा उसके इंतजार मे बैठा था की ANNY  का फ़ोन आएगा और उसका फ़ोन आया भी तो दोस्तों मेरा इंतजार दोस्तों लगभग ख़तम भी हो चूका था।  हमारी बात सुरु ही हुई थी और उसने मुझसे पूछा की आपका डिनर हुआ और मेरा जवाब था हाँ। मेने उससे कहा की यार कहा थे कबसे आपका इंतजार कर रहा था उसने मुझसे कहा सॉरी में सो गयी थी। मेने उससे कहा कोई बात नहीं फिर हमारी रात को 1 बजे तक बात हुई और करीब रात १:३० बजे मेने उसको गर्लफ्रेंड मानकर उसको परपोज़ किया और उससे कहा की आप मेरी गर्लफ्रेंड बन सकती है क्या।  वो अचानक ही घबरा गयी और उसकेमुह से थोड़ी देर तक कोईभी बात नहीं निकली और उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा। उसको दिन में ही में अपने दोस्त मनीष का नंबर शेयर कर चुका था उसने मुझसे कहा किमी इतनी जल्दी आपके साथ इस रिलेशन में नहीं आ सकती मुझे थोड़ा बुरा तो जरूर लगा पर में भी क्या कर सकता था। उसकी लाइफ थी जवाब भी उसको ही देना था उसने मुझसे थोड़ा समय माँगा और कहा वो उसका जवाब थोड़ा सोचकर देगी मेने कहा ठीक हे।  पर मुझे कहा पता था उसने मेरी ये बात मेरे दोस्त मनीष को बता दी थी और सब कुछ उसको बताया की गौरव ने अभी ऐसे ऐसे मुझे परपोज़ भी किया।  उसके किये हुए सारे मैसेज मेरे दोस्त मनीष ने मुझे फॉरवर्ड किये और कहा की तूने ये क्या किया।  पर मेभी क्या करता दोस्तों मेने अपने दोस्त से कहा की यार मुझे इस लड़की से सच्चा प्यार हो गया है। फिर दोस्त भी कहा काम थे मेरे लिए उसे मुझसेजोड़ने केलिए मेरे दोस्त ने उसको मेरे बारे में उसको बताना सुरु किया और रात के करीब 3:20 मिनट तक दोनों की बात होती रही पर में जाग रहा था उसके हाँ के इंतजार में।  अचानक से मेरे दोस्त का मैसेज आया और कहा कि यार मेने उसको बहुत समझाया पर सायद वो हाँ नहीं करेगी। फिर में थोड़ा उदास जरूर हुआ पर मेने अपने दोस्त को पता भी नहीं चलने दिया। पर मेरा दोस्त भी कमीना था वो पहचान चूका था की में उदास हो चूका हुँ।  फिर उसके अगले तीन दिन तक उसका कोई मैसेज नही आया।  पर मेने भी उससे कांटेक्ट करने की कोशिश भी नहीं की। हम कुछ दिनों से बातें जरूर कर रहे थे पर शायद बातें कहीं अधूरी रह जाती थी. अचानक सुबह उसका मैसेज आया हाँ में आपकी गर्लफ्रेंड  बन सकती हूँ।  मेरे मन में काफी ख्याल आ रहे थे की एक लड़की मेरे साथ चल रही होगी जिसका  एक मैसेज देखकर अप्नादिल हर गया होता हुँ।  मेने अपने उन लम्हो को अपने पास रखा पर मेने उसके मैसेज का जवाब भी नहीं दिया था समझ नहीं आ रहा था कि क्या जवाब दू. की अचानक कैसे इसने मुझे हाँ कर दी पर कोई नहीं फिर मेने उसके मैसेज का जवाब दिया और क्या बताऊँ दोस्तों मुझे पता भी नहीं चाला की कैसे 7 बज गए। 

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